हजारीबाग में सरकारी स्कूलों में नए सत्र की पढ़ाई शुरू, शिक्षकों के साथ शिक्षा अधिकारियों ने की बैठक
हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले के सभी 1800 से अधिक सरकारी स्कूल (कक्षा एक से 12वीं) में इस महीने अप्रैल से निर्धारित समय पर नए सत्र 2026-27 की पढ़ाई शुरू हो गई है । यह Hazaribagh government schools new session शिक्षा विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसमें विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
विद्यार्थियों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समग्र शिक्षा अभियान के तहत स्कूली विद्यार्थियों को मिल रही तमाम सुविधाओं और अन्य विषयों को लेकर डीईओ प्रवीण रंजन (DEO Praveen Ranjan) और डीएसई आकाश कुमार (DSE Akash Kumar) दोनों ने बुधवार (8 अप्रैल 2026) को जिले भर के प्रभारी शिक्षकों को संबोधित किया । आइए जानते हैं इस Hazaribagh government schools new session से जुड़ी हर अहम बात।
Hazaribagh government schools new session: डीईओ ने क्या कहा?
Hazaribagh government schools new session की शुरुआत के अवसर पर डीईओ प्रवीण रंजन ने शिक्षकों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

नियमित समय पर स्कूल पहुंचना अनिवार्य
डीईओ ने कहा कि टीचर नियमित समय पर स्कूल पहुंचेंगे । छुट्टी होने के बाद स्कूलों का बेहतर रखरखाव कर अपने-अपने घर लौटेंगे। शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की जिम्मेदारी
उन्होंने स्पष्ट किया कि एक-एक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए शिक्षक जवाबदेह हैं । किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षकों को छात्रों की व्यक्तिगत जरूरतों पर ध्यान देने और उनकी सीखने की क्षमता को बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।
Hazaribagh government schools new session: बीआरसी सिलवार में गुरु गोष्ठी
Hazaribagh government schools new session से पहले, मंगलवार (7 अप्रैल 2026) को दोनों शिक्षा अधिकारी सदर प्रखंड के बीआरसी सिलवार (BRC Silwar) में प्रारंभिक स्तर के शिक्षकों की आयोजित गुरु गोष्ठी को संबोधित किया ।
मध्यान भोजन योजना जारी रहेगी
यहां डीएसई आकाश कुमार ने कहा कि सभी स्कूलों में मध्यान भोजन योजना (Mid-Day Meal Scheme) नियमित रूप से जारी रहेगा । इसमें किसी प्रकार की लापरवाही पर स्कूल के शिक्षक (सचिव) दोषी होंगे । उन्होंने कहा कि बच्चों को पौष्टिक भोजन मिलना सुनिश्चित किया जाए, क्योंकि यह उनके स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों के लिए आवश्यक है।
ग्रांट राशि का समय पर उपयोग करें
डीएसई ने कहा कि स्कूलों को मिलने वाली ग्रांट राशि (Grant Amount) समय सीमा पर खर्च करना है । उन्होंने स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिया कि वे बजट का सही उपयोग सुनिश्चित करें और इसकी पारदर्शिता बनाए रखें।
Hazaribagh government schools new session: शिक्षकों को मिले अन्य निर्देश

Hazaribagh government schools new session में शिक्षकों को कई अन्य महत्वपूर्ण कार्य भी सौंपे गए हैं।
बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन से जोड़ना
शिक्षकों को बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन (Quality Education) से जोड़ने का निर्देश दिया गया है । पारंपरिक शिक्षा पद्धति के साथ-साथ नवाचारों को भी अपनाने की सलाह दी गई।
खेलों के लिए प्रेरित करें
शिक्षा के साथ-साथ रूचि अनुसार विद्यार्थियों को खेलों के लिए प्रेरित करना है । शारीरिक शिक्षा और खेलों को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में नियमित खेल गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना
वहीं, सरकार की ओर से लागू तमाम लाभकारी योजनाओं की जानकारी बच्चे और अभिभावक तक पहुंचाना है । शिक्षकों को गांव-गांव जाकर अभिभावकों को जागरूक करने का भी निर्देश दिया गया है।
Hazaribagh government schools new session: अधिकारियों को जिम्मेदारी का एहसास कराया
Hazaribagh government schools new session की इस बैठक में डीएसई ने बीआरपी-सीआरपी (BRP-CRP) सहित शिक्षण व्यवस्था से जुड़े प्रखंड एवं जिला स्तर के पदाधिकारी को उनके जिम्मेदारी और जवाबदेही का एहसास कराया है ।
बैठक में उपस्थित अन्य अधिकारी
मौके पर बीईईओ राकेश कुमार (BEEO Rakesh Kumar), बीपीओ रश्मि सिंह (BPO Rashmi Singh), सीआरपी अजय नारायण दास (CRP Ajay Narayan Das), मुकेश कुमार (Mukesh Kumar) सहित शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मी मौजूद थे । सभी अधिकारियों ने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने का संकल्प लिया।
Hazaribagh government schools new session: निष्कर्ष
Hazaribagh government schools new session 2026-27 की शुरुआत के साथ ही जिला प्रशासन ने शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। डीईओ और डीएसई के निर्देशों से साफ है कि सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मिड-डे मील की नियमितता, ग्रांट राशि का सही उपयोग और बच्चों के समग्र विकास पर विशेष फोकस किया जा रहा है। जिले के 1800 से अधिक स्कूलों में नए सत्र की शुरुआत और शिक्षकों की बैठक ने यह संकेत दिया है कि प्रशासन शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। अब यह देखना होगा कि इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना पालन होता है।
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