Jharkhand Municipal: QR कोड से अब घर-घर से उठेगा कचरा!
मैं आज आपको Jharkhand Municipal के एक बड़े फैसले के बारे में बताने जा रहा हूँ, जो राज्य की स्वच्छता को पूरी तरह बदल देगा। अब घरों से कचरा उठाने के लिए QR कोड और RFID टैग का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और ट्रैक की जा सके।
Jharkhand Municipal का नया सिस्टम: कचरा प्रबंधन में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
प्रधान सचिव सुनील कुमार ने आज एक बैठक में यह ऐलान किया कि अब हर घर पर QR कोड लगाया जाएगा। जब कचरा वाहन कचरा उठाने आएगा, तो वह QR कोड को स्कैन करेगा। इससे यह पता चल पाएगा कि:
- कितना कचरा उठाया गया?
- क्या वह कचरा डंपिंग यार्ड तक पहुँचा?
- क्या कचरा उठाने वाली टीम अपना काम ठीक से कर रही है?
“अगर कोई संवेदक (सेंसर) ठीक से काम नहीं करता, तो उसे डिबार (हटा) किया जाएगा,” – सुनील कुमार
क्यों जरूरी है यह नया सिस्टम?
- झारखंड में हर साल 5 लाख टन से ज्यादा कचरा पैदा होता है, लेकिन सही तरीके से निस्तारण नहीं हो पाता।
- केवल 30% कचरा ही रिसाइकिल हो पाता है, बाकी खुले में जमा हो जाता है।
- नए सिस्टम से कचरा प्रबंधन 50% तक बेहतर होने की उम्मीद है।
Jharkhand Municipal के अन्य बड़े फैसले
1. गीले और सूखे कचरे को अलग करना अनिवार्य
- नागरिकों को अब गीला (किचन वेस्ट) और सूखा (प्लास्टिक, कागज) कचरा अलग-अलग देना होगा।
- इससे रिसाइक्लिंग आसान होगी और पर्यावरण को फायदा मिलेगा।
2. जलापूर्ति और सीवरेज सिस्टम पर सख्त निगरानी
- जिन कंपनियों ने अब तक पानी और सीवर लाइन का काम पूरा नहीं किया, उन पर कार्रवाई होगी।
- गढ़वा, चास और बड़हरवा में नई पेयजल योजनाएँ शुरू की जाएँगी।
3. सड़कें, ड्रेनेज और स्ट्रीट लाइटिंग पर फोकस
- शहरों में सड़कों को चौड़ा किया जाएगा।
- ड्रेनेज सिस्टम को ठीक किया जाएगा ताकि बारिश में जलभराव न हो।
- स्ट्रीट लाइटिंग बढ़ाई जाएगी, जिससे रात में सुरक्षा बेहतर होगी।
4. प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने की तैयारी
- Jharkhand Municipal जल्द ही एक नया एप लॉन्च करेगा, जिसमें सभी संपत्तियों का डेटा अपडेट किया जाएगा।
- इससे राजस्व दोगुना होने की उम्मीद है।
- केंद्र और राज्य सरकार के कार्यालयों से भी टैक्स वसूला जाएगा।
FAQ: Jharkhand Municipal के नए नियमों के बारे में सवाल-जवाब
1. QR कोड सिस्टम कैसे काम करेगा?
हर घर पर एक QR कोड लगाया जाएगा। कचरा उठाने वाली गाड़ी वाले इसे स्कैन करेंगे, जिससे पता चलेगा कि कचरा उठाया गया या नहीं।
2. अगर कचरा नहीं उठाया गया तो क्या होगा?
शिकायत करने पर कचरा उठाने वाली टीम पर कार्रवाई की जाएगी।
3. गीला और सूखा कचरा अलग क्यों करना है?
इससे कचरे का सही निस्तारण होगा और पर्यावरण प्रदूषण कम होगा।
निष्कर्ष: Jharkhand Municipal का यह कदम कितना कारगर होगा?
मुझे लगता है कि Jharkhand Municipal का यह नया सिस्टम राज्य में स्वच्छता को बेहतर बनाएगा। QR कोड और RFID टैग से कचरा प्रबंधन पारदर्शी होगा और गड़बड़ियाँ कम होंगी। अगर यह योजना सही तरीके से लागू होती है, तो झारखंड भारत के सबसे स्वच्छ राज्यों में शामिल हो सकता है!
“स्वच्छता सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं, हम सभी को मिलकर काम करना होगा।” – मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
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