Jharkhand Prisoners: गरीब कैदियों को मिलेगी जमानत की सहायता

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Jharkhand Prisoners: झारखंड की जेलों में फंसे गरीब कैदियों के लिए बड़ी राहत! केंद्र सरकार ने जारी किए नए दिशा-निर्देश।

रांची, 7 जून 2025: मैं आपके लिए लाया हूँ Jharkhand Prisoners से जुड़ी एक बड़ी खबर। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने झारखंड सरकार को निर्देश दिया है कि वह गरीब कैदियों को जमानत या रिहाई के लिए केंद्रीय कोष से वित्तीय सहायता प्रदान करे। यह योजना उन कैदियों के लिए है जो आर्थिक तंगी के कारण जुर्माना नहीं भर पाते और लंबे समय तक जेल में फंसे रहते हैं।


1. Jharkhand Prisoners: क्या है यह योजना?

मैंने इस योजना के बारे में जो जानकारी जुटाई, वह यहाँ है:

मुख्य बिंदु

  • योजना का नाम: ‘Support to Poor Prisoners Scheme’ (गरीब कैदियों को सहायता योजना)
  • शुरुआत: मई 2023 में हुई थी ।
  • उद्देश्य: जेलों में बंद गरीब कैदियों को जमानत या रिहाई के लिए वित्तीय सहायता देना।
  • केंद्रीय नोडल एजेंसी: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB)
  • बजट: केंद्र सरकार ने 2025-26 के बजट में 5 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं ।

“इस योजना से झारखंड की जेलों में बंद हजारों गरीब कैदियों को राहत मिलेगी।”


2. Jharkhand Prisoners: कैसे मिलेगी सहायता?

मैंने जाना कि इस योजना का लाभ लेने के लिए कैदियों को क्या करना होगा:

प्रक्रिया

  1. पहचान: जिला स्तर पर एक ‘अधिकार प्राप्त समिति’ गठित की जाएगी, जो गरीब कैदियों की पहचान करेगी।
  2. आवेदन: कैदी या उनके परिवार वाले जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (DLSA) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
  3. सत्यापन: समिति कैदी की आर्थिक स्थिति और केस की जाँच करेगी।
  4. सहायता: यदि कैदी पात्र पाया जाता है, तो उसे जमानत या जुर्माना भरने के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी।

कौन हैं पात्र?

✔️ वे कैदी जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं।
✔️ जिन्हें जुर्माना नहीं भरने के कारण जेल में रहना पड़ रहा है।
✔️ अंडरट्रायल कैदी (जिनका ट्रायल चल रहा है) भी इस योजना के पात्र हो सकते हैं।

“झारखंड की जेलों में 76% कैदी अंडरट्रायल हैं, जिनमें से ज्यादातर गरीब हैं।”


3. Jharkhand Prisoners: क्यों जरूरी है यह योजना?

मैंने झारखंड की जेलों की स्थिति का विश्लेषण किया, तो पता चला:

जेलों में भीड़भाड़ की स्थिति

  • झारखंड की जेलें 131% क्षमता से अधिक भरी हुई हैं ।
  • 76% कैदी अंडरट्रायल हैं, जिनमें से अधिकांश गरीब हैं और जमानत नहीं ले पाते ।
  • 2030 तक जेलों में कैदियों की संख्या 6.8 लाख होने का अनुमान है, जबकि क्षमता सिर्फ 5.15 लाख है ।

“इस योजना से जेलों में भीड़ कम होगी और गरीब कैदियों को न्याय मिलेगा।”


4. Jharkhand Prisoners: सरकार की प्रतिक्रिया क्या है?

मैंने सरकारी सूत्रों से पता लगाया कि:

  • झारखंड सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन जल्द ही इस योजना को लागू करने की उम्मीद है।
  • हेमंत सोरेन सरकार ने हाल ही में 37 कैदियों को रिहा किया था, जिससे पता चलता है कि वे जेल सुधारों पर ध्यान दे रहे हैं ।

“सरकार को इस योजना को जल्द से जल्द लागू करना चाहिए ताकि गरीब कैदियों को राहत मिल सके।”


5. Jharkhand Prisoners: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. यह योजना कब तक शुरू होगी?

Ans: केंद्र सरकार ने इसे मई 2023 में शुरू किया था, लेकिन झारखंड में अभी तक पूरी तरह लागू नहीं हुई है।

Q2. क्या सभी कैदी इस योजना के पात्र हैं?

Ans: नहीं, सिर्फ वे कैदी जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जुर्माना नहीं भर पा रहे हैं।

Q3. क्या इस योजना से जेलों में भीड़ कम होगी?

Ans: हाँ, क्योंकि गरीब कैदियों को जमानत मिलने से जेलों में कैदियों की संख्या कम होगी।

Q4. क्या यह योजना सिर्फ झारखंड के लिए है?

Ans: नहीं, यह योजना पूरे भारत के लिए है, लेकिन अभी तक कई राज्यों ने इसे पूरी तरह लागू नहीं किया है।


निष्कर्ष: “गरीब कैदियों को मिलेगी न्याय की उम्मीद!”

मैंने आपको Jharkhand Prisoners से जुड़ी इस महत्वपूर्ण योजना की पूरी जानकारी दी। यह योजना न सिर्फ गरीब कैदियों को राहत देगी, बल्कि जेलों में भीड़भाड़ को कम करने में भी मदद करेगी।

“अगर सरकार इस योजना को ईमानदारी से लागू करती है, तो हजारों कैदियों को न्याय मिल सकेगा।”

क्या आपको लगता है कि यह योजना झारखंड के गरीब कैदियों के लिए फायदेमंद होगी? कमेंट में बताएं!


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