झारखंड में 10 लाख सीड बाल से जंगल होंगे हरे-भरे, ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार; हेलिकॉप्टर-ड्रोन से छिड़काव

Jharkhand seed ball forest regeneration
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रांची: राज्य के जंगलों में खाली पड़ी भूमि पर फिर से हरियाली फैलाने के लिए वन एवं पर्यावरण विभाग सीड बॉल (मिट्टी के गोले में बीज रखकर) के छिड़काव की तैयारी में है । इस Jharkhand seed ball forest regeneration अभियान के तहत करीब 10 लाख सीड बॉल का निर्माण ग्रामीणों के सहयोग से किया जाएगा।

अप्रैल से जून तक गुमला, चाईबासा और लातेहार के ग्रामीणों को सीड बॉल निर्माण में लगाया जाएगा । इसके निर्माण में ग्रामीणों की भागीदारी के साथ उन्हें आर्थिक लाभ भी होगा । आइए जानते हैं इस Jharkhand seed ball forest regeneration अभियान से जुड़ी हर अहम बात, सीड बॉल निर्माण की प्रक्रिया और इसके पर्यावरणीय लाभों के बारे में।

Jharkhand seed ball forest regeneration: हेलिकॉप्टर-ड्रोन से होगा छिड़काव

Jharkhand seed ball forest regeneration

Jharkhand seed ball forest regeneration के इस अभियान में बारिश प्रारंभ होने से पहले इन सीड बॉल को हेलिकाप्टर और ड्रोन की मदद से मिट्टी में छिड़क दिया जाएगा ।

किन बीजों का होगा उपयोग?

वन विभाग ने इस वर्ष बांस, शीशम, साल और महुआ जैसे बीजों के सीड बॉल निर्माण की संख्या ज्यादा रखने की योजना तय की है । ये सभी वृक्ष झारखंड के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

Jharkhand seed ball forest regeneration: कैसे बनते हैं सीड बॉल?

Jharkhand seed ball forest regeneration अभियान में सीड बॉल निर्माण की प्रक्रिया बेहद सरल और प्रभावी है।

निर्माण प्रक्रिया

बीजों को मिट्टी, गोबर, बालू और आर्गेनिक खाद की खोल में डालकर गोलाकार बनाया जाता है । इस आवरण में पर्याप्त नमी होती है और ऊंचाई से फेंकने पर यह सुरक्षित भी रहता है । नमी पाते ही बीज बाहर आ जाते हैं और वहां की मिट्टी में पौधरोपण की प्रक्रिया आरंभ हो जाती है ।

दक्षिण अफ्रीका से आई तकनीक

दक्षिण अफ्रीकी देशों में प्रारंभ हुआ यह प्रयोग अब झारखंड में उपयोगी साबित हो रहा है । यह Jharkhand seed ball forest regeneration तकनीक कम लागत में अधिकतम परिणाम देती है।

Jharkhand seed ball forest regeneration: 70% सीड बॉल होंगे पेड़

Jharkhand seed ball forest regeneration अभियान में सफलता की संभावना काफी अधिक है।

विशेषज्ञ की राय

सामाजिक वानिकी के विशेषज्ञ प्रकाश मिश्रा ने बताया कि राज्य की मिट्टी में हल्की नमी होते ही ये बीज वृद्धि के योग्य हो जाते हैं । ऐसे में 70 प्रतिशत सीड बॉल के वृक्ष के तौर पर विकसित होने की संभावना रहती है । यह Jharkhand seed ball forest regeneration के लिए बेहद उत्साहजनक आंकड़ा है।

Jharkhand seed ball forest regeneration: हाथियों के लिए भी होगा भोजन उपलब्ध

Jharkhand seed ball forest regeneration अभियान का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू है हाथियों के लिए भोजन की व्यवस्था।

बांस के पौधे से मिलेगा भोजन

बांस के सीड बॉल से सालभर में दो से चार फीट का पौधा तैयार हो जाता है । इससे हाथियों को जंगल में ही भोजन भी उपलब्ध हो जाएगा ।

मानव-हाथी संघर्ष में कमी

हाल के दिनों में भोजन की तलाश में हाथियों का आबादी वाले हिस्से में आना बढ़ा है जिससे मानव के साथ उनका टकराव हो रहा है । वन विभाग हाथियों के खाद्य में उपयोग होने वाली दूसरी वनस्पति के बीज भी इसी तकनीक से जंगलों में गिरा रहा है । भोजन उपलब्धता से हाथियों का जंगल से भटकाव कम होगा । यह Jharkhand seed ball forest regeneration अभियान मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में भी सहायक होगा।

Jharkhand seed ball forest regeneration: पारिस्थितिकी में भी उपयोगी

Jharkhand seed ball forest regeneration अभियान पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी अत्यंत लाभकारी है।

स्थानीय मिट्टी का उपयोग

सीड बॉल निर्माण से जुड़ी संस्था के परेश मुर्मु ने बताया कि इसके निर्माण में उसी जंगल की मिट्टी प्रयोग में लाई जाती है जहां इसे लगाना होता है । बॉल की मिट्टी में पहले से ही कई वनस्पतियों के बीज मिले होते हैं । ऐसे में यह मल्टीपल फॉरेस्ट्रेशन (Multiple Afforestation) में भी सहायक होता है ।

Jharkhand seed ball forest regeneration: ग्रामीणों को रोजगार

Jharkhand seed ball forest regeneration अभियान न सिर्फ पर्यावरण के लिए बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी फायदेमंद है।

तीन जिलों में रोजगार

अप्रैल से जून तक गुमला, चाईबासा और लातेहार के ग्रामीणों को सीड बॉल निर्माण में लगाया जाएगा । इसके निर्माण में ग्रामीणों की भागीदारी के साथ उन्हें आर्थिक लाभ भी होगा । यह Jharkhand seed ball forest regeneration अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का नया स्रोत भी बनेगा।

Jharkhand seed ball forest regeneration: निष्कर्ष

Jharkhand seed ball forest regeneration अभियान राज्य के पर्यावरण संरक्षण और वन विस्तार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। 10 लाख सीड बॉल का निर्माण, हेलिकॉप्टर और ड्रोन से छिड़काव, 70 प्रतिशत सफलता की संभावना—ये सभी बताते हैं कि यह अभियान सफल होने की पूरी संभावना है । साथ ही, इससे हाथियों के लिए भोजन की उपलब्धता बढ़ेगी और मानव-हाथी संघर्ष में कमी आएगी । ग्रामीणों को रोजगार मिलना इस अभियान का एक और सकारात्मक पहलू है। यह Jharkhand seed ball forest regeneration अभियान निश्चित रूप से राज्य के जंगलों को हरा-भरा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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