National Platform for Domestic Workers: राजभवन के सामने बजाई थाली!
National Platform for Domestic Workers: “मैंने देखा कि रांची की सैकड़ों महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर चिल्लाया— ‘हमें सम्मान चाहिए, हमें अधिकार चाहिए!'”
National Platform for Domestic Workers: क्या हुआ था?
मैं आपको बताता हूँ कि 16 जून 2025 को अंतरराष्ट्रीय घरेलू कामगार दिवस के मौके पर रांची में National Platform for Domestic Workers के नेतृत्व में 500+ महिलाओं ने राजभवन के सामने प्रदर्शन किया। ये महिलाएं घरेलू कामगारों के अधिकारों की मांग को लेकर सड़कों पर उतरी थीं ।
मुख्य तथ्य (17 जून 2025 तक)
- प्रदर्शन स्थल: जिला स्कूल मैदान से राजभवन तक (कचहरी रोड होते हुए)।
- मांगें:
- घरेलू कामगारों के लिए अलग कानून बनाया जाए।
- मानसिक/शारीरिक शोषण के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
- न्यूनतम मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा दी जाए ।
- आंकड़े: भारत में 3 करोड़ से अधिक घरेलू कामगार हैं, जिनमें 80% महिलाएं हैं ।
National Platform for Domestic Workers: क्यों जरूरी है यह आंदोलन?
1. सुप्रीम कोर्ट का आदेश अभी तक लागू नहीं
- 29 जनवरी 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि घरेलू कामगारों के लिए अलग कानून बनाया जाए ।
- 6 महीने का समय दिया गया था, लेकिन अभी तक कोई कानून नहीं बना ।
2. शोषण की दर्दभरी कहानियाँ
- “मैंने रेणुका किस्पोटा से बात की— ‘हमें रात का बचा खाना दिया जाता है, बीमार होने पर दवा तक नहीं मिलती!'”
- 29% महिलाओं ने यौन उत्पीड़न की शिकायत की है ।
3. केरल और तमिलनाडु ने किया बेहतर, पर बाकी राज्य पीछे
- केरल: न्यूनतम मजदूरी + मातृत्व लाभ।
- तमिलनाडु: स्वास्थ्य बीमा और पेंशन ।
- झारखंड: अभी तक कोई विशेष योजना नहीं ।
National Platform for Domestic Workers: प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें
- कानून बने: ILO कन्वेंशन-189 (2011) को लागू किया जाए ।
- न्यूनतम वेतन: ₹10,000/माह तय हो (अभी कई जगह ₹2,000-3,000 ही मिलता है) ।
- सामाजिक सुरक्षा: PF, बीमा और पेंशन की सुविधा।
- शोषण के खिलाफ कार्रवाई: यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना पर सख्त एक्शन ।
National Platform for Domestic Workers: सरकार की प्रतिक्रिया
- झारखंड सरकार ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है।
- केंद्र सरकार ने श्रम मंत्रालय को कमेटी बनाने का आदेश दिया, लेकिन रिपोर्ट अभी तक नहीं आई ।
National Platform for Domestic Workers: FAQ (सवाल-जवाब)
Q1. ILO कन्वेंशन-189 क्या है?
➔ यह घरेलू कामगारों को समान अधिकार देने वाला अंतरराष्ट्रीय समझौता है, जिसे भारत ने 2011 में साइन किया था ।
Q2. क्या घरेलू कामगारों को PF मिलता है?
➔ नहीं, सिर्फ केरल और तमिलनाडु जैसे कुछ राज्यों में ही सुविधाएं हैं ।
Q3. प्रदर्शन में कितनी महिलाएं शामिल हुईं?
➔ 500+ महिलाएं रांची में जुटीं, जबकि देशभर में 3 करोड़ से ज्यादा घरेलू कामगार हैं ।
Q4. अगला कदम क्या होगा?
➔ National Platform for Domestic Workers दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन करने की योजना बना रहा है ।
National Platform for Domestic Workers: निष्कर्ष
मैंने इस पूरे आंदोलन को समझा और देखा कि कैसे घरेलू कामगार महिलाएं अपने हक के लिए लड़ रही हैं। सरकार को तुरंत कानून बनाना चाहिए, नहीं तो यह आंदोलन और बड़ा होगा।
“घर साफ करने वालों के हक के लिए आवाज उठाना, समाज की साफ-सफाई का सबसे बड़ा काम है!”
#NationalPlatformForDomesticWorkers #DomesticWorkersRights #JharkhandProtest
(यह खबर 17 जून 2025 तक के अपडेट के आधार पर लिखी गई है। नए अपडेट मिलने पर हम जल्द ही जानकारी देंगे।)
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