Rajya Sabha Elections 2026: झारखंड में बिछी बिसात – 25 सरप्लस वोटों में छिपा है खेल, 18 जून को होगा मतदान

Rajya Sabha Elections
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1. Rajya Sabha elections: झारखंड में बिछी चुनावी बिसात

झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए सोमवार को नामांकन के साथ ही Rajya Sabha elections की बिसात पूरी तरह बिछ गई है। दांव पर सिर्फ दो सीटें हैं, लेकिन तीन दिग्गजों के मैदान में कूदने से मुकाबला बेहद रोचक और कांटे का हो गया है।

महागठबंधन ने जहां झामुमो से बैजनाथ राम और कांग्रेस से प्रणव झा को उतारकर अपनी एकजुटता का संदेश दिया है, वहीं भाजपा ने निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को अपना समर्थन देकर क्रॉस-वोटिंग और सेंधमारी की आशंकाओं से सत्ता पक्ष की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

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Alt text: Rajya Sabha elections के लिए झारखंड में त्रिकोणीय मुकाबला


2. दो सीटें, तीन दिग्गज – कांटे का मुकाबला

इस बार के Rajya Sabha elections में दो सीटों के लिए तीन मुख्य दावेदार मैदान में हैं:

उम्मीदवारपार्टी/स्थितिसंपत्ति (अनुमानित)
बैजनाथ रामझामुमो (JMM)₹4.55 करोड़
प्रणव झाकांग्रेस₹1.91 करोड़
परिमल नाथवानीनिर्दलीय (भाजपा समर्थित)₹755 करोड़

नामांकन प्रक्रिया को खास राजनीतिक वजन देने के लिए खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन प्रस्तावकों की कतार में आगे नजर आए।

नामांकन का क्रम भी दिलचस्प रहा:

  • सबसे पहले बैजनाथ राम
  • फिर प्रणव झा
  • सबसे अंत में निर्दलीय नाथवानी

नाथवानी के नामांकन पत्र पर 20 विधायकों के हस्ताक्षर हैं, जिनमें 17 भाजपा विधायक शामिल हैं। वहीं, भाजपा के गौरव वल्लभ, निर्दलीय साईं विजय रेड्डी, रवि कुमार यादव और टी. रमन्ना रेड्डी ने नामांकन दाखिल नहीं किया – यानी चार दावेदार बाहर हो गए।


3. Rajya Sabha elections: महागठबंधन का दांव – कैसे जीतेगी कांग्रेस?

Rajya Sabha elections में महागठबंधन का गणित साफ है:

  • झामुमो की एक सीट पर जीत तय है – उसके पास 34 विधायक हैं
  • जीत के लिए 28 वोट चाहिए
  • झामुमो के पास 6 वोट सरप्लस हैं

दूसरी सीट के लिए कांग्रेस का गणित:

पार्टीविधायकों की संख्या
कांग्रेस (अपने)16
झामुमो (बचे)6
राजद4
माले (CPI-ML)2
कुल28 (बिल्कुल सटीक)

मामला तभी फंसेगा, जब भीतरघात या क्रॉस वोटिंग होगी। यही वजह है कि Rajya Sabha elections में कांग्रेस का रास्ता आसान नहीं है।


4. एनडीए का दांव – कैसे जीतेंगे नाथवानी?

Rajya Sabha elections में एनडीए का दांव पूरी तरह से क्रॉस-वोटिंग पर टिका है।

  • एनडीए के सभी 24 विधायक (भाजपा के 21 + 3 सहयोगी) नाथवानी के साथ खड़े हैं
  • 28 के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए मात्र 4 और वोटों की जरूरत है

4 वोट कहां से लाएंगे?

  • महागठबंधन में सेंधमारी (क्रॉस वोटिंग) से
  • या फिर द्वितीय वरीयता के वोटों के सहारे

यदि कांग्रेस उम्मीदवार को प्रथम वरीयता के 28 से कम वोट मिलते हैं और द्वितीय वरीयता का वोट नाथवानी को अधिक मिलता है, तब भी बाजी पलट सकती है। नाथवानी इसी दांव पर खेल रहे हैं।

बाहरी रिपोर्ट पढ़ें: Election Commission of India – Rajya Sabha Elections (DoFollow Link)

बाहरी रिपोर्ट पढ़ें: Hindustan Times – Jharkhand Rajya Sabha Fight (DoFollow Link)


5. विधानसभा का मौजूदा गणित (81 सीटें)

Rajya Sabha elections को समझने के लिए विधानसभा के मौजूदा गणित को जानना जरूरी है:

गठबंधनपार्टीविधायक
महागठबंधन (56)झामुमो (JMM)34
कांग्रेस16
राजद4
माले (CPI-ML)2
एनडीए (24)भाजपा21
आजसू1
जदयू1
लोजपा1
अन्य (1)निर्दलीय1
कुल81

81 सदस्यीय विधानसभा में जीत के लिए प्रथम वरीयता के 28 वोटों की दरकार है।


6. 25 सरप्लस वोटों में छिपा है खेल

Rajya Sabha elections में असली खेल 25 सरप्लस वोटों का है।

गणित समझें:

  • 81 विधायक × 2 सीटें = 162 वोट (हर विधायक के पास दो वोट)
  • 2 सीटों की जीत के लिए चाहिए = 56 वोट (28+28)
  • बचे = 25 सरप्लस वोट

इन्हीं 25 सरप्लस वोटों में उलटफेर की पूरी गुंजाइश है:

  • 4-5 वोट इधर से उधर हो जाएं
  • किसी का वोट रद्द हो जाए
  • द्वितीय वरीयता के वोट विरोधी के पक्ष में पड़ जाएं

तो परिणाम बदल सकता है। यही वजह है कि Rajya Sabha elections में कोई भी शत-प्रतिशत जीत की गारंटी नहीं दे पा रहा।


7. Rajya Sabha elections: प्रमुख तारीखें – 9 से 18 जून

तारीखकार्यक्रम
9 जून (सोमवार)नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी (जांच)
11 जून (बुधवार)नाम वापसी की अंतिम तिथि
18 जून (गुरुवार)मतदान (सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक)
18 जून (गुरुवार)मतगणना (शाम 5 बजे से)

विशेष बात: द्वितीय वरीयता के वोट से समीकरण बदल सकता है।


8. किसके प्रस्तावक बने कौन? हेमंत सोरेन और बाबूलाल मरांडी भी शामिल

Rajya Sabha elections में प्रस्तावकों की सूची भी काफी दिलचस्प है:

बैजनाथ राम (JMM) के प्रस्तावक (सेट-1):
हेमंत सोरेन, स्टीफन मरांडी, मथुरा प्रसाद महतो, उदय शंकर सिंह, लुईस मरांडी, सविता महतो, समीर कुमार मोहंती, अनंत प्रताप देव, जिग्गा सुशारन होरो, संजीव सरदार।

प्रणव झा (कांग्रेस) के प्रस्तावक (सेट-1):
प्रदीप यादव, डॉ. रामेश्वर उरांव, राधा कृष्ण किशोर, दीपिका पांडेय सिंह, भूषण बाडा, नमन विक्सल कौनगाड़ी, सुरेश बैठा, शिल्पी नेहा तिर्की, राजेश कच्छप, कुमार जय मंगल।

परिमल नाथवानी (निर्दलीय) के प्रस्तावक:
दो पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी और चंपाई सोरेन भी शामिल हैं।

खास बात: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने खुद मोर्चा संभाला और दोनों प्रस्तावक बने।


9. 755 करोड़ के मालिक नाथवानी सबसे अमीर, बैजनाथ और प्रणव भी करोड़पति

Rajya Sabha elections के तीनों उम्मीदवारों की संपत्ति में जमीन-आसमान का अंतर है:

उम्मीदवारकुल संपत्तिकर्ज (देनदारी)
परिमल नाथवानी₹755 करोड़₹256 करोड़
बैजनाथ राम₹4.55 करोड़₹66.86 लाख
प्रणव झा₹1.91 करोड़कोई कर्ज नहीं

नाथवानी की संपत्ति का ब्योरा:

  • शेयर-बॉन्ड में निवेश: ₹338 करोड़
  • पत्नी के गहने: ₹13.67 करोड़

बैजनाथ राम:

  • 14 एकड़ जमीन
  • 1.12 करोड़ रुपए की 5 गाड़ियां
  • खेती और किराए से आय

प्रणव झा:

  • चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में संपत्तियां
  • ₹2.95 लाख की ‘टूडोर’ घड़ी

किसी भी प्रत्याशी पर आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है।


10. 2008 में कम वोट पाकर भी जीते थे नाथवानी

यह पहली बार नहीं है जब नाथवानी Rajya Sabha elections में प्लेयर बने हैं।

2008 का मामला:

  • पहली सीट: भाजपा के जेपीएन सिंह ने आसानी से जीत ली
  • दूसरी सीट: परिमल नाथवानी को 16, आरके आनंद को 17 प्रथम वरीयता वोट मिले
  • एक वोट कम होने के बावजूद, नाथवानी ने दूसरी वरीयता के मतों के सहारे जीत छीन ली

2014 में:

  • नाथवानी ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर आसानी से जीत दर्ज की

यानी नाथवानी द्वितीय वरीयता के मतों के एक्सपर्ट हैं। इस बार भी उनकी नजर उन्हीं 25 सरप्लस वोटों पर है।


11. बाहरी रिपोर्ट्स और इंटरनल लिंक्स

एक्सटर्नल डूफॉलो लिंक्स

इंटरनल लिंक्स (अपनी वेबसाइट के लिए)

  • झारखंड विधानसभा में दलों की ताकत – पूरी लिस्ट
  • क्या है क्रॉस-वोटिंग और द्वितीय वरीयता का फॉर्मूला?
  • Rajya Sabha elections: पिछले 10 साल के बड़े उलटफेर](#)

निष्कर्ष

झारखंड में Rajya Sabha elections का मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। महागठबंधन के पास संख्याबल तो है (56 विधायक), लेकिन 25 सरप्लस वोटों का खेल किसी भी करवट बदल सकता है।

नाथवानी के पास 24 विधायकों का समर्थन है और उन्हें सिर्फ 4 और वोटों की जरूरत है। वह 2008 में एक वोट कम होने के बावजूद जीत चुके हैं, इसलिए उन्हें हल्के में लेना गलत होगा।

Rajya Sabha elections का परिणाम 18 जून को मतगणना के बाद स्पष्ट होगा। तब तक पूरे झारखंड की निगाहें इन 25 सरप्लस वोटों पर टिकी हैं।


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सेंटीमेंट: न्यूट्रल/सस्पेंसफुल (चुनावी उलझन और सियासी दांव)
पॉवर वर्ड: “बिसात बिछी”, “सेंधमारी”, “अग्निपरीक्षा”, “जादुई आंकड़ा”

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