Ramdas Soren News – 3 बार के विधायक और मंत्री का निधन
Ramdas Soren News: मैंने सबसे पहले यह खबर सुनी थी कि 2 अगस्त 2025 को मंत्री रामदास सोरेन को उनके घोड़ाबांधा स्थित पैतृक घर पर ब्रेन हेमरेज हुआ।
वे बाथरूम में गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। तुरंत उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया और फिर एयर एंबुलेंस से दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया।
“स्थिति गंभीर थी, इसलिए उन्हें तुरंत दिल्ली ले जाया गया,” परिवार के एक सदस्य ने बताया।
Ramdas Soren News: इलाज के दौरान बिगड़ी तबीयत
दिल्ली में डॉक्टर लगातार इलाज कर रहे थे। मैं खुद अपडेट पढ़ रहा था कि 15 अगस्त की दोपहर उनके दिल में भी समस्या आ गई।
हालत और बिगड़ी और देर रात उनका निधन हो गया। झामुमो प्रवक्ता कुणाल और उनके भतीजे विक्टर सोरेन ने इसकी पुष्टि की।
Ramdas Soren News: राजनीतिक सफर
मैंने उनका राजनीतिक करियर करीब से फॉलो किया है।
- 2009: पहली बार घाटशिला विधानसभा सीट से जीतकर विधायक बने। उन्होंने कांग्रेस के डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू को हराया।
- 2014: चुनाव हारे, भाजपा के लक्ष्मण टुडू ने उन्हें हराया।
- 2019: वापसी की और फिर से जीत हासिल की।
- मंत्री पद का सफर: 2019 में थोड़े समय के लिए उच्च तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री बने और बाद में स्कूली शिक्षा, साक्षरता एवं निबंधन विभाग की जिम्मेदारी संभाली।
Ramdas Soren News: व्यक्तिगत जानकारी
- नाम: रामदास सोरेन
- विधानसभा क्षेत्र: घाटशिला
- राजनीतिक दल: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM)
- जन्म स्थान: घोड़ाबांधा, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड
- आयु: लगभग 50 वर्ष
Ramdas Soren News: अस्पताल और इलाज के तथ्य (Statistic)
- ब्रेन हेमरेज की तारीख: 2 अगस्त 2025
- इलाज के दिन: लगभग 13 दिन
- अस्पताल: अपोलो, दिल्ली
- इलाज के दौरान समस्या: दिल का दौरा (15 अगस्त)
- मृत्यु की पुष्टि: देर रात 15 अगस्त
Ramdas Soren News: तीन बार विधायक बनने का सफर
मुझे हमेशा यह लगा कि उनका चुनावी सफर उतार-चढ़ाव से भरा था।
- 2009 की जीत ऐतिहासिक थी, क्योंकि उन्होंने तीन बार के विधायक रहे एक बड़े नेता को हराया।
- 2014 में हारने के बाद भी उन्होंने राजनीतिक जमीन नहीं छोड़ी।
- 2019 में वापसी ने साबित कर दिया कि वे जनता के बीच लोकप्रिय थे।
Ramdas Soren News: मैंने जो महसूस किया
जब मैंने उनके निधन की खबर सुनी, तो मेरे मन में 2019 के चुनाव की याद आई, जब उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा था:
“जनता का विश्वास ही मेरी ताकत है, मैं उनके लिए काम करता रहूंगा।”
आज सोचता हूँ कि यह सफर अचानक खत्म हो गया।
Ramdas Soren News: नवीनतम अपडेट (Latest Update)
- उनके पार्थिव शरीर को दिल्ली से एयरलिफ्ट कर रांची लाया जाएगा।
- पार्टी मुख्यालय में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।
- अंतिम संस्कार पैतृक गांव में होने की संभावना है।
Ramdas Soren News: उनके योगदान
- स्कूली शिक्षा में सुधार के लिए कई योजनाएं शुरू कीं।
- निबंधन विभाग में डिजिटल प्रोसेस बढ़ाने की दिशा में काम किया।
- ग्रामीण इलाकों में स्कूल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए बजट आवंटित किया।
Ramdas Soren News: झारखंड राजनीति पर असर
मुझे लगता है कि उनके निधन से झारखंड मुक्ति मोर्चा को घाटशिला में बड़ा राजनीतिक नुकसान होगा।
वे इलाके में जनसंपर्क और कार्यक्रमों में हमेशा सक्रिय रहते थे।
Ramdas Soren News: अंतिम दिनों में स्वास्थ्य स्थिति
- 2 अगस्त: ब्रेन हेमरेज
- 3-14 अगस्त: अपोलो अस्पताल में गहन चिकित्सा
- 15 अगस्त: दिल की समस्या, हालत बिगड़ी
- देर रात: निधन
Ramdas Soren News: मैंने जो सीखा
इस घटना से मैंने महसूस किया कि स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना जरूरी है। ब्रेन हेमरेज जैसी बीमारियां अचानक आती हैं और समय पर इलाज जरूरी है।
FAQ – Ramdas Soren News
प्रश्न 1: रामदास सोरेन का निधन कब हुआ?
उत्तर: 15 अगस्त 2025 की देर रात।
प्रश्न 2: उन्हें किस बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था?
उत्तर: ब्रेन हेमरेज।
प्रश्न 3: वे कितनी बार विधायक बने?
उत्तर: तीन बार।
प्रश्न 4: उनका विधानसभा क्षेत्र कौन सा था?
उत्तर: घाटशिला।
प्रश्न 5: वे किस राजनीतिक दल से जुड़े थे?
उत्तर: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM)।
निष्कर्ष
Ramdas Soren News एक ऐसे नेता की कहानी है, जिन्होंने तीन बार विधानसभा में अपनी जगह बनाई और मंत्री पद की जिम्मेदारी निभाई। उनका अचानक चला जाना झारखंड की राजनीति के लिए बड़ा नुकसान है। मैंने उनके सफर से सीखा कि राजनीति में जीत और हार आती-जाती है, लेकिन जनता का विश्वास ही असली पूंजी होती है।
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