Deadly Ranchi Civil Court Accident: मारी टक्कर,3 की मौत!
Deadly Ranchi Civil Court Accident: नशे में धुत ड्राइवर ने मारी टक्कर, पेशकार समेत 3 की मौत! लिस ने ड्राइवर के खून में अल्कोहल की पुष्टि की, MACT केस दर्ज
मैंने देखा Ranchi Civil Court के पेशकार का आखिरी सफर
मैं आज नामकुम पुलिस स्टेशन के बाहर खड़ा हूँ, जहाँ 21 जून की रात (10:10 बजे) हुए भीषण हादसे ने तीन परिवारों को तबाह कर दिया। “यह कोई सामान्य एक्सीडेंट नहीं, बल्कि नशे और रफ़्तार का खेल है” – यही बात हर गवाह की आँखों में दिख रही थी ।
Ranchi Civil Court के पेशकार की आखिरी शाम
- पीड़ित:
- प्रवीर हांसदा (45): रांची सिविल कोर्ट के पेशकार, घाटशिला के रहने वाले ।
- सोम सिन्हा (33): धनबाद के विकास केंद्र में शिक्षक, 2 बच्चों के पिता ।
- अर्घ्य चौधरी (24): कार चालक (नशे में), लोअर बाज़ार का रहने वाला ।
“पापा ने 10:12 बजे फोन पर कहा था—’अभी पहुँचता हूँ’… लेकिन वो कभी नहीं आए।” — सोम सिन्हा के बेटे का दर्द ।
Ranchi Civil Court हादसे की पूरी कहानी
1. कैसे हुआ हादसा?
- स्थान: नामकुम का दुर्गा सोरेन चौक ।
- कारण:
- कार की स्पीड 80 km/h (लिमिट 40 km/h) ।
- ड्राइवर ने पहले प्रवीर की स्कूटी (JH-01BV5502) को टक्कर मारी, फिर पैदल चल रहे सोम को कुचला ।
- खुद अनियंत्रित होकर पलट गई ।
2. पुलिस की जाँच में क्या सामने आया?
- मेडिकल रिपोर्ट: ड्राइवर के खून में 0.08% अल्कोहल ।
- आँकड़े:
- 2025 में रांची में 254 एक्सीडेंट, 250 मौतें (जनवरी-मई) ।
- नामकुम में इस साल 9+ हादसे, 1 जून तक 6 मौतें ।
Ranchi Civil Court: क्या है पीड़ितों का हक़?
1. मुआवज़ा और कानूनी प्रक्रिया
- MACT (मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल):
- परिवारों को ₹4-10 लाख तक मुआवज़ा ।
- FIR: धारा 304A (लापरवाही से मौत) के तहत दर्ज ।
2. परिवारों की मांग
- “हम न्याय चाहते हैं, न कि सिर्फ़ मुआवज़ा!” — प्रवीर की पत्नी ।
- “शहर में स्पीड कैमरे और सख्त कानून लागू हों।” — स्थानीय निवासी ।
FAQ: Ranchi Civil Court हादसे से जुड़े सवाल
1. क्या ड्राइवर ज़िंदा होता, तो उसे सजा मिलती?
हाँ! 5 साल की जेल + ₹10,000 जुर्माना (धारा 185, MV एक्ट) ।
2. क्या यह पहला ऐसा हादसा है?
नहीं! 2025 में रांची में 45+ ड्रिंक एंड ड्राइव केस ।
3. मदद कैसे करें?
- दान: DLSA (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) से संपर्क करें ।
- जागरूकता: हेलमेट/सीट बेल्ट की अहमियत बताएँ ।
निष्कर्ष: अब सख्त कार्रवाई का वक्त!
मैंने आज देखा कि कैसे Ranchi Civil Court के एक मासूम कर्मचारी की जान सिर्फ़ एक नशेड़ी की गलती से चली गई। अगर स्पीड कंट्रोल, नशे पर रोक और सख्त कानून नहीं बने, तो ऐसे हादसे रुकेंगे नहीं।
“सड़क सुरक्षा कोई मजाक नहीं—यह हर नागरिक की ज़िम्मेदारी है!”
(अंतिम अपडेट: 23 जून 2025 – पुलिस ने ड्राइवर के परिवार से पूछताछ शुरू की।)
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(यह खबर पुलिस रिकॉर्ड, NCRB डेटा और परिवारों के बयानों पर आधारित है .)
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