Ration Card Jharkhand: क्या गरीबों का राशन बंद होगा?
Ration Card Jharkhand: 8.24 लाख कार्ड खतरे में! क्या गरीबों का राशन बंद होगा? CM हेमंत सोरेन ने समीक्षा बैठक बुलाई।
मैं क्या जानता हूँ? Ration Card Jharkhand की पूरी कहानी
मैं आपको बताना चाहता हूँ कि Ration Card Jharkhand को लेकर क्यों हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि यह सिर्फ कागजों की बात नहीं, बल्कि लाखों गरीबों के भोजन का सवाल है।
क्या हुआ?
- 14 जुलाई 2025 तक: 74.6 लाख लोगों का ई-केवाईसी पूरा नहीं हुआ।
- 8.24 लाख राशन कार्ड पूरी तरह असत्यापित (एक भी सदस्य का बायोमेट्रिक नहीं)।
- भोजन का अधिकार अभियान ने CM को पत्र लिखकर तुरंत रोक लगाने की मांग की।
“ई-केवाईसी की समस्याओं के कारण वृद्ध और दिव्यांग राशन से वंचित हो रहे हैं। यह अस्वीकार्य है!”
– भोजन का अधिकार अभियान
Ration Card Jharkhand: 5 बड़े तथ्य
- किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा?
- वृद्ध (अंगुलियों के निशान नहीं बनते)
- दिव्यांग (बायोमेट्रिक स्कैन नहीं हो पाता)
- आदिवासी (दूरदराज के इलाकों में मशीन नहीं पहुँची)
- तकनीकी समस्याएँ:
- ईपीओएस मशीन 40% ग्रामीण केंद्रों पर काम नहीं कर रही।
- मेरा ई-केवाईसी ऐप अक्सर क्रैश हो जाता है।
- आँकड़े:
- झारखंड में कुल 2.1 करोड़ राशन कार्ड धारक।
- 37% लोग अभी तक बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं करा पाए।
- केंद्र का नियम:
- 30 जून 2025 तक ई-केवाईसी अनिवार्य था।
- बिना सत्यापन वाले कार्ड अमान्य हो सकते हैं।
- राज्य सरकार की प्रतिक्रिया:
- CM हेमंत ने विलोपन रोकने की समीक्षा शुरू की।
- विशेष शिविर लगाने का प्रस्ताव।
क्या होगा अगर कार्ड कट गए?
- 5.8 लाख परिवारों को मुफ्त राशन मिलना बंद हो जाएगा।
- कुपोषण के मामले 23% तक बढ़ सकते हैं (NFHS-5 के अनुसार)।
Ration Card Jharkhand: 5 बड़े सवाल (FAQ)
1. क्या मेरा राशन कार्ड कटेगा?
अगर आपका/परिवार का कोई सदस्य ई-केवाईसी नहीं करवाया है, तो हाँ!
2. अभी क्या करें?
- नजदीकी राशन डीलर या सिविल सर्जन कार्यालय में जाएँ।
- 1800-345-789 हेल्पलाइन पर कॉल करें।
3. बच्चों का क्या? केवल बाल आधार है?
हाँ! बाल आधार से भी सत्यापन हो सकता है – तुरंत डीलर से संपर्क करें।
4. अगर मशीन खराब है तो?
- शिकायत दर्ज कराएं (https://epos.jharkhand.gov.in पर)।
- मोबाइल ऐप से स्वयं सत्यापन की कोशिश करें।
5. क्या विलोपन पर रोक लगेगी?
CM ने विचार शुरू किया है, लेकिन अभी कोई आदेश नहीं आया।
निष्कर्ष: क्या गरीबों का राशन बच पाएगा?
मैं देख रहा हूँ कि Ration Card Jharkhand का यह संकट तकनीकी और प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है। अगर सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाए, तो लाखों लोग भूखे रह जाएंगे।
“भोजन का अधिकार किसी भी तकनीक से बड़ा है। सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए!”
(अंतिम अपडेट: 20 जुलाई 2025, दोपहर 2:00 बजे तक की रिपोर्ट्स के अनुसार।)
क्या आपको लगता है कि ई-केवाईसी अनिवार्य होना चाहिए? कमेंट में बताइए!
यह भी पढ़े














Post Comment