सौतेली मां ने उन्हें खाने में जहर दे दिया
रांची के ग्रामीण इलाके में मां की ममता को शर्मसाार करने वाली घटना सामने आई है। मासूमों के लिए जेहन में इतनी नफरत की सौतेली मां ने उन्हें खाने में जहर दे दिया। जहरीला खाना खाने के बाद एक मासूम की मौत हो गई, जबकि दूसरे की तबीयत ज्यादा खराब है, वहीं तीसरा बच्चा बच गया। घटना तिसरी थाना इलाके की ग्राम पंचायत गड़कुरा के गांव रोहनटांड़ की है।
हालांकि पुलिस ने घटना के बाद कलयुगी मां को अरेस्ट कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी महिला ने अपना जुर्म भी स्वीकार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि, रोहनटांड़ गांव के निवासी सुनील सोरेन की पहली पत्नी शैलीन मरांडी की दो साल पहले सर्पदंश से मौत हो गई थी। उसकी पहली पत्नी से पीड़ित को चार बच्चे थे।
मासूमों को मारना चाहती थी आरोपी महिला
पुलिस के मुताबिक, सुनील सोरेन ने इसी साल के अप्रैल महीने में गावां थाना क्षेत्र के गांव गोरियाचु की रहने वाली सुनीता के साथ शादी की थी। फिलहाल सुनीता को अभी तक कोई औलाद नहीं हुई। सुनील अभी दूसरी पत्नी के साथ अपने गांव में ही रहते हैं। पुलिस के मुताबिक, दुर्गा पूजा के बाद पीड़ित सुनील रोजगार के लिए बेंगलुरु चला गया। सुनील अपने बच्चों व माता-पिता को दूसरी पत्नी के भरोसे छोड़ गया था। गुरुवार को आरोपी महिला अपने मायके से ससुराल गांव रोहनटांड आई व चिकन लाई। इसके बाद उसने चिकन व चावल पकाए। इसके बाद उसमें जहर मिलाकर अपने सौतेले 3 बेटों अनिल 3, शंकर 8, विजय 12 को जहरीला खाना अपने हाथों से खिलाया। हालांकि खाने का स्वाद अच्छा नहीं लगने के कारण विजय ने खाना नहीं खाया। आरोपी ने बताया कि, वह बच्चों से नफरत करती थी। यही वजह थी कि, वह सभी को एक- एक करके मौत की नींद सुलाना चाहती थी।
जहरीले खाने से बिगड़ी तबीयत
पुलिस के मुताबिक, खाना खाने के कुछ ही देर बाद मासूम अनिल व शंकर का स्वास्थ्य बिगड़ने लगी। दोनों बच्चों की तबीयत बिगड़ते देख आरोपी महिला दोनों बच्चों को दादा- दादी के घर में छोड़ कर मौके से फरार हो गई। इसके बाद सबसे बड़े बेटे ने इसकी जानकारी अपनी चाची को दी। जब चाची मौके पर पहुंची तो देखा कि, दोनों बेहोश पड़े व मुंह से झाग निकल रहे थे। इसके बाद चाची ने चाइल्ड हेल्पलाइन को इसकी जानकारी दी। इसके बाद फिर चाइल्ड लाइन के जयराम प्रसाद और गुंजा कुमारी गांव पहुंचे मगर इससे पहले एक मासूम अनिल की मौत हो चुकी थी। शंकर को अचेता अवस्था में तिसरी के में स्थित पीएचसी लेकर आए, इसके बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत देखते हुए उसे प्राथमिक इलाज करने के बाद गिरिडीह रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही तिसरी एसएचओ पीकू प्रसाद मौके पर पहुंचे व मासूम के शव को कब्जे में लेकर मामले की जानकारी ली। इसके बाद आरोपी महिला को उसके पीहर से गिरफ्तार किया। अब पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
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