zameen rasid: घर बैठे ही कटेगी जमीन की रशीद, पूरी प्रक्रिया

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zameen rasid कटवाने के लिए अब कार्यालयों का चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। झारखंड के भू-राजस्व मंत्री दीपक बिरुआ ने ऐलान किया है कि लोग अब घर बैठे अपने मोबाइल से ही रशीद कटवा सकेंगे। इस नई व्यवस्था में बारकोड का उपयोग किया जाएगा, जो प्रक्रिया को सरल और तेज बनाएगा।

zameen rasid के लिए नई सुविधा की घोषणा

मंत्री दीपक बिरुआ ने गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन, रांची में एक समीक्षा बैठक की। इसमें उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जमीन संबंधित सभी कार्य—चाहे वह म्यूटेशन हो या रशीद कटाने का काम—“राइट टू सर्विस एक्ट” के दायरे में लाए जाएं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन सेवाओं को जल्द से जल्द डिजिटल करना होगा ताकि जनता को लाभ मिले और सरकारी राजस्व में वृद्धि हो।

“अब लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। बारकोड की सुविधा से घर बैठे ही zameen rasid काटी जा सकेगी।” – दीपक बिरुआ

zameen rasid प्रक्रिया: बारकोड से कैसे कटेगी रशीद?

इस नई सुविधा में बारकोड का इस्तेमाल होगा। यह प्रक्रिया कैसे काम करेगी, आइए जानते हैं:

  1. मोबाइल ऐप या पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन: पहले चरण में लोगों को राजस्व विभाग के पोर्टल या मोबाइल ऐप पर रजिस्ट्रेशन करना होगा।
  2. अपनी जमीन की जानकारी भरें: जमीन का खाता नंबर, प्लॉट नंबर, और अन्य विवरण दर्ज करें।
  3. बारकोड जेनरेट करें: पोर्टल से बारकोड प्राप्त करें।
  4. ऑनलाइन भुगतान करें: रसीद कटाने के लिए डिजिटल पेमेंट का विकल्प चुनें।
  5. डाउनलोड करें रसीद: पेमेंट के तुरंत बाद zameen rasid डाउनलोड कर सकेंगे।

सरकारी जमीन के कब्जे पर सख्ती

बैठक में मंत्री ने सरकारी जमीन पर हो रहे अवैध कब्जों पर भी सख्ती दिखाई। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि:

  • सभी सरकारी जमीनों की सूची तैयार की जाए।
  • यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकारी जमीन पर जमाबंदी कायम है या नहीं।
  • हरमू नदी के किनारे हो रहे अतिक्रमण पर कार्रवाई हो।

लंबित म्यूटेशन और राजस्व वसूली पर जोर

बैठक में कई लंबित मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें खासतौर पर म्यूटेशन और राजस्व वसूली शामिल थे। चाईबासा के आयुक्त ने बताया कि जमशेदपुर की कंपनियों पर 2,000 करोड़ रुपये का बकाया है। मंत्री ने तत्काल इस मामले में कार्रवाई का निर्देश दिया।

zameen rasid में बारकोड सुविधा के लाभ

बारकोड सुविधा लागू होने से कई लाभ होंगे:

  1. समय की बचत: लोगों को अब कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
  2. पारदर्शिता: डिजिटल प्रक्रिया से भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी।
  3. सरल प्रक्रिया: मोबाइल से रशीद कटवाना बेहद आसान होगा।
  4. सरकारी राजस्व में वृद्धि: डिजिटल पेमेंट से राजस्व संग्रहण में तेजी आएगी।

zameen rasid सुविधा का उद्देश्य

इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य है:

  • जनता को जमीन संबंधित सेवाओं में सहूलियत देना।
  • सरकारी कार्यालयों में होने वाली भीड़ को कम करना।
  • राजस्व संग्रहण को बढ़ाना।

“सरकार का लक्ष्य है कि हर व्यक्ति को अपनी जमीन से संबंधित सेवाएं घर बैठे मिलें।” – दीपक बिरुआ

निष्कर्ष

zameen rasid प्रक्रिया में बारकोड सुविधा झारखंड सरकार का एक क्रांतिकारी कदम है। इससे जनता को न केवल समय की बचत होगी, बल्कि प्रक्रिया भी पारदर्शी बनेगी। सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों को रोकने और लंबित राजस्व वसूली के प्रयासों से सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा।

FAQs

Q1: zameen rasid कटवाने की नई प्रक्रिया क्या है?

Ans: नई प्रक्रिया में लोग मोबाइल ऐप या पोर्टल के माध्यम से अपनी जमीन की रसीद कटवा सकेंगे। इसके लिए बारकोड का उपयोग होगा।

Q2: क्या यह सुविधा सभी के लिए उपलब्ध है?

Ans: हां, यह सुविधा सभी राज्यवासियों के लिए उपलब्ध होगी।

Q3: क्या zameen rasid कटाने में कोई शुल्क लगेगा?

Ans: हां, प्रक्रिया के दौरान डिजिटल भुगतान के माध्यम से शुल्क लिया जाएगा।

Q4: क्या सरकारी जमीन पर कब्जे की समस्या का समाधान होगा?

Ans: मंत्री ने अधिकारियों को सरकारी जमीनों की सूची तैयार करने और अतिक्रमण रोकने के निर्देश दिए हैं।

Q5: क्या इस प्रक्रिया से भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी?

Ans: हां, डिजिटल प्रक्रिया पारदर्शी होगी, जिससे भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी।

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