बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है, चला जाता है तो नया सामान! प्लास्टिक फर्नीचर पर 3 साल तक की कमाई

authorimg
Share This Post


आखरी अपडेट:

कोडरमा प्लास्टिक फर्नीचर: यदि आप घर के लिए मजबूत और बजट में फर्नीचर की सोच रख रहे हैं, तो प्लास्टिक का फर्नीचर भी अच्छा लग सकता है। खास बात यह है कि अब 3 साल तक कई जगहों पर प्लास्टिक के फर्नीचर की साज-सज्जा भी की जा रही है।

कोडरमा. घर को खूबसूरत बनाने के साथ-साथ सुपरस्टार की जिंदगी को आसान बनाने में फर्नीचर की अहम भूमिका होती है। पहले घर में मुख्य रूप से लकड़ी के फर्नीचर का उपयोग किया जाता था। समय के साथ स्टील के फर्नीचर ने भी अपनी जगह बनाई। वहीं पिछले कुछ वर्षों में प्लास्टिक से बने आधुनिक और आकर्षक डिजाइन वाले फर्नीचर तेजी से लोगों की पसंद बन रहे हैं। हालाँकि, अब तक प्लास्टिक फ़र्निचर वाले सामानों की सबसे बड़ी चिंता उनके कारखाने और कलाकृतियों को लेकर बनी हुई थी।

प्लास्टिक की कुर्सी, टेबल या अन्य सामान की बाद में सस्ते दामों पर लोगों की नई-नई सामान की दुकानें खुल गईं। लेकिन अब कोडरमा के फर्नीचर बाजार में निवेशकों को बड़ी राहत मिली है। यहां प्लास्टिक के कई फर्नीचर ऐसे उपलब्ध हैं, जिन पर पूरे 3 साल तक काम किया जा रहा है। यानी 3 साल के अंदर फर्नीचर खराब या डैमेज होने पर नया सामान दिया जाएगा।

मकान पर बिना सवाल-जवाब नया फर्नीचर
ब्लॉक रोड स्थित कई फर्नीचर नोएडा के बीच संचालित बीरू फर्नीचर के व्हीलचेयर कुमार ने बातचीत में बताया कि अब बाजार में बेहतर गुणवत्ता के प्लास्टिक फर्नीचर उपलब्ध हैं, जिनमें कुर्सियां, टेबल, आलीशान सेट सहित कई आधुनिक डिजाइन शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 3 साल के लिए इन फर्नीचर में फर्नीचर की सुविधा दी जा रही है। इस दौरान किसी भी कारण से फर्नीचर टूटने या खराब होने पर ग्राहक को बिना सवाल-जवाब के तुरंत नया फर्नीचर उपलब्ध कराया जाएगा।

500 रुपए से शुरू हुई हो रही मासूमियत वाली कुर्सी की रेंज
उन्होंने बताया कि 3 साल की प्लास्टिक वाली प्लास्टी मिर्ज़ा टेबल, चार दरवाजों के साथ करीब 4500 रुपये की शुरुआती रेंज में उपलब्ध हैं। वहीं प्लास्टिक के सामान की कीमत 500 रुपये से 800 रुपये तक है। इसके अलावा स्क्वेयर और राउंड टी-टेबल की कीमत 700 से 800 रुपये के बीच रखी गई है।

उद्यम को होगी बचत
उन्होंने बताया कि आम तौर पर 400 से 500 रुपये में मिलने वाली प्लास्टिक की कुर्सी कुमार कुमार खराब होने के बाद पूरी तरह से सस्ते हो जाते थे और लोग उन्हें 8 से 10 रुपये प्रति बच्चा बेच देते थे। इसी प्रकार का नुकसान हुआ था. लेकिन अब मीटिंग से इंवेस्टमेंट को बड़ी राहत मिली। सामान खराब होने पर नया फर्नीचर मिलने से उनकी बचत भी होगी और वे लंबे समय तक बेहतर गुणवत्ता वाला सामान इस्तेमाल कर सकेंगे।

लेखक के बारे में

रैना शुक्ला

रिचमंड यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट। पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और एबीपी न्यूज से हुआ न्यूज18 हिंदी तक पहुंचा। पर्यटक और देश की …और पढ़ें

(टैग्सटूट्रांसलेट)कोडरमा प्लास्टिक फर्नीचर वारंटी(टी)कोडरमा प्लास्टिक डाइनिंग टेबल(टी)3 साल की फर्नीचर वारंटी(टी)टिकाऊ प्लास्टिक फर्नीचर(टी)कोडरमा फर्नीचर बाजार(टी)कोडरमा स्थानीय समाचार(टी)कोडरमा प्लास्टिक फर्नीचर गारंटी(टी)कोडरमा प्लास्टिक फर्नीचर बाजार(टी)3 साल की फर्नीचर वारंटी(टी)टिकाऊ प्लास्टिक फर्नीचर(टी)कोडरमा फर्नीचर बाजार

JharExpress is hindi news channel of politics, education, sports, entertainment and many more. It covers live breaking news in India and World

Post Comment

YOU MAY HAVE MISSED