ईरान ने ट्रंप को दी सलाह: ‘फोन बंद कर सो जाएं, बीबी को करें ब्लॉक’; होर्मुज को खुला रखने का दावा बताया झूठा

Iran Trump Hormuz dispute
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तेहरान/वॉशिंगटन: शनिवार (18 अप्रैल 2026) को ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें ट्रंप ने कहा था कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को हमेशा के लिए खुला रखने पर सहमति दे दी है । यह Iran Trump Hormuz dispute अब एक नए और तीखे मोड़ पर पहुंच गया है।

ईरान ने बेहद मजाकिया और तीखे अंदाज में ट्रंप के बयानों का जवाब देते हुए उन्हें हकीकत से दूर बताया है । आइए जानते हैं इस Iran Trump Hormuz dispute से जुड़ी हर अहम बात।

Iran Trump Hormuz dispute: ईरानी दूतावास का ट्रंप पर तंज

Iran Trump Hormuz dispute में सबसे तीखा हमला जिम्बाब्वे में ईरानी दूतावास (Iranian Embassy in Zimbabwe) की ओर से आया।

Iran Trump Hormuz dispute

‘बीबी को ब्लॉक करो और चैन से सो जाओ’

जिम्बाब्वे में ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर ट्रंप को टैग करते हुए लिखा कि वह ज्यादा खुश न हों और अपनी गरिमा बनाए रखें । दूतावास ने ट्रंप को चार सुझाव (four suggestions) दिए:

  1. ज्यादा उत्साह न दिखाएं और थोड़ी प्रतिष्ठा रखें।
  2. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के नए कानूनी नियमों के बारे में सोचना छोड़ दें, इसे हम खुद ठीक कर लेंगे।
  3. अपना फोन बंद करें, पोस्ट डालना बंद करें और एक हफ्ते के लिए ‘बीबी’ (BB – Benjamin Netanyahu) को ब्लॉक कर दें।
  4. हल्का डिनर करें और चैन की नींद सोएं।

Iran Trump Hormuz dispute: ट्रंप का दावा – ईरान ने मान ली हैं सारी शर्तें

Iran Trump Hormuz dispute तब शुरू हुआ जब ट्रंप ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर एक लंबी पोस्ट लिखी।

‘ईरान ने होर्मुज को हमेशा के लिए खुला रखने पर सहमति दी’

ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट कर कहा था कि ईरान अब कभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद नहीं करेगा और न ही इसे हथियार की तरह इस्तेमाल करेगा । ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान अपना ‘न्यूक्लियर डस्ट’ (Nuclear Dust) अमेरिका को सौंप देगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका की मदद से ईरान समुद्र से बारूदी सुरंगें (mines) हटा रहा है। ट्रंप ने इसे दुनिया के लिए एक शानदार दिन बताया था।

‘100% ट्रांजेक्शन तक घेराबंदी जारी’

ट्रंप ने अपने बयानों में यह भी स्पष्ट किया था कि जब तक ईरान के साथ पूरी डील (100% transaction) नहीं हो जाती, तब तक ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसेना द्वारा की जा रही घेराबंदी जारी रहेगी।

Iran Trump Hormuz dispute: ईरान ने दावों को बताया गलत

Iran Trump Hormuz dispute में ईरान ने ट्रंप के हर दावे को खारिज कर दिया।

‘एक घंटे में सात झूठ’

ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालीबाफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) ने ट्रंप के इन दावों पर पलटवार किया। गालिबफ के अनुसार, ट्रंप ने एक घंटे के भीतर सात झूठे दावे किए हैं । उन्होंने साफ किया कि अगर अमेरिका ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी जैसे कदम उठाता है, तो ईरान के पास इस समुद्री रास्ते को बंद करने का विकल्प हमेशा खुला रहेगा।

न्यूक्लियर सामग्री सौंपने से इनकार

ईरान ने न्यूक्लियर सामग्री (nuclear material) अमेरिका को सौंपने की बात से भी साफ इनकार कर दिया है । ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वह अपनी संप्रभुता से समझौता नहीं करेगा।

‘व्यापारिक जहाजों के लिए खोला गया है रास्ता’

ईरान ने साफ किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को केवल इजरायल-लेबनान युद्धविराम (Israel-Lebanon ceasefire) के मद्देनजर व्यापारिक जहाजों (commercial ships) के लिए खोला गया है, न कि किसी अमेरिकी दबाव या स्थायी समझौते के तहत ।

Iran Trump Hormuz dispute: क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?

Iran Trump Hormuz dispute के केंद्र में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) है, जो दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।

तथ्यविवरण
भौगोलिक स्थितिफारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है
चौड़ाईसबसे संकरे बिंदु पर लगभग 33 किलोमीटर
तेल परिवहनदुनिया के लगभग 20% तेल का परिवहन इसी मार्ग से होता है
LNG परिवहनदुनिया की लगभग 30% LNG आपूर्ति इसी रास्ते से गुजरती है
प्रभावित देशसऊदी अरब, इराक, कुवैत, यूएई, कतर, ईरान, ओमान

Iran Trump Hormuz dispute: आगे क्या?

Iran Trump Hormuz dispute के बीच पाकिस्तान में एक बार फिर शांति वार्ता (peace talks) हो सकती है।

इस्लामाबाद वार्ता का दूसरा दौर

पाकिस्तान में होने वाली संभावित शांति वार्ता से पहले दोनों देशों के बीच यह जुबानी जंग तनाव को और बढ़ा रही है । पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर (General Asim Munir) ने हाल ही में तेहरान का दौरा किया था, और बातचीत के दूसरे दौर की तैयारी चल रही है।

क्या बढ़ेगा तनाव?

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के दावों और ईरान के तीखे पलटवार ने कूटनीतिक प्रयासों को कमजोर किया है। ईरान के स्पीकर गालीबाफ की चेतावनी कि होर्मुज को फिर से बंद किया जा सकता है, ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है।

Iran Trump Hormuz dispute: निष्कर्ष

Iran Trump Hormuz dispute ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच विश्वास की गहरी कमी है। ट्रंप के दावे और ईरान का मजाकिया लेकिन तीखा जवाब यह दिखाता है कि दोनों पक्ष अभी भी समझौते से बहुत दूर हैं । जब तक ईरान को अपनी शर्तों पर ठोस गारंटी नहीं मिलती, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव बना रहेगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता इस गतिरोध को तोड़ पाती है या फिर यह विवाद और गहराता है।

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