ईरान में तख्तापलट की आहट: IRGC के पास देश की कमान, विदेश मंत्री अराघची साइडलाइन; अब क्या करेगा अमेरिका?

IRGC control in Iran 
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तेहरान/वॉशिंगटन: ईरान की कट्टरपंथी सेना ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने देश की सैन्य और कूटनीतिक टीमों पर पूरी तरह नियंत्रण कर लिया है । यह IRGC control in Iran अब एक खुला रहस्य बन गया है, जिसने पूरे मिडिल ईस्ट में नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

द न्यूयॉर्क पोस्ट (New York Post) की रिपोर्ट में रीजनल एनालिस्ट्स के हवाले से बताया गया है कि IRGC कमांडर मेजर जनरल अहमद वाहिदी (Ahmad Vahidi) और उनके करीबियों ने देश की कमान अपने हाथों में ले ली है । इस IRGC control in Iran के चलते पिछले कुछ दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव काफी बढ़ गया है और ईरान ने अमेरिका के साथ होने वाली शांति वार्ता से भी दूरी बना ली है । आइए जानते हैं इस खतरनाक IRGC control in Iran से जुड़ी हर अहम बात।

IRGC control in Iran: वाहिदी-जोलघाद्र की जोड़ी का दबदबा

IRGC control in Iran के केंद्र में दो नाम हैं – अहमद वाहिदी और मोहम्मद बागेर जोलघाद्र (Mohammad Bagher Zolghadr)।

IRGC control in Iran 

वाहिदी ने संभाली कमान

द न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, अहमद वाहिदी को IRGC के दिग्गज और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (Supreme National Security Council) के सचिव मोहम्मद बागेर जोलघाद्र का पूरा साथ मिला है । इन दोनों ने मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। हालिया युद्धों में ईरान की पारंपरिक सेना को काफी नुकसान हुआ था, इसलिए अब वहां केवल IRGC की तेज तर्रार छोटी नावें (fast attack ships) तैनात हैं 

जोलघाद्र का बढ़ता कद

जोलघाद्र को इसी महीने ईरान के बातचीत करने वाले दल (delegation) में शामिल किया गया था ताकि वह IRGC और सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई (Mojtaba Khamenei) के आदेशों को लागू करवा सकें । ISW (Institute for the Study of War) ने बताया कि जोलघाद्र ने अराघची की शिकायत सीनियर लीडर्स से की थी। उनका आरोप था कि अराघची ने ‘एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस’ (Axis of Resistance) को लेकर लचीला रुख अपनाकर अपनी हद पार की है 

IRGC control in Iran: उदारवादी नेताओं को किया किनारे

IRGC control in Iran का सबसे बड़ा प्रभाव यह हुआ है कि विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) जैसे नरमपंथी नेताओं को साइडलाइन (sideline) कर दिया गया है 

अराघची का पलटा गया फैसला

अराघची ने ट्रंप प्रशासन से बातचीत के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने का संकेत दिया था, लेकिन IRGC ने उनके फैसले को पलट दिया । IRGC का कहना है कि जब तक अमेरिका ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी (blockade) खत्म नहीं करता, तब तक यह रास्ता बंद ही रहेगा 

गालिबाफ के पास भी नहीं है ताकत

ISW के अनुसार, अब अब्बास अराघची और मोहम्मद बागेर गालिबाफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) जैसे नेताओं के पास फैसले लेने की कोई ताकत नहीं बची है । उनके पास “लाभ उठाने या निर्णय लेने का कोई औपचारिक अधिकार नहीं है” 

IRGC control in Iran 

IRGC control in Iran: मोजतबा खामनेई की भूमिका

IRGC control in Iran में सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई (Mojtaba Khamenei) की भूमिका भी अहम है, हालांकि वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आ रहे हैं।

चोटिल और एकांत में

मोजतबा पिछले कुछ समय से किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर नहीं आए हैं, क्योंकि वह पिछले हवाई हमलों में घायल (injured) हो गए थे । रिपोर्ट्स के अनुसार, IRGC ने उनके चारों ओर एक “सुरक्षा घेरा” (security cordon) बना दिया है, जिससे राष्ट्रपति पेजेश्कियान (Pezeshkian) की उन तक पहुंच भी सीमित हो गई है 

वाहिदी के साथ मिलकर ले रहे फैसले

द न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट कहती है कि अब ईरान में सारे बड़े फैसले अहमद वाहिदी और मोजतबा खामनेई ही ले रहे हैं । यह पदानुक्रम (hierarchy) अराघची और गालिबाफ जैसे नेताओं को पूरी तरह से निर्णय लेने की प्रक्रिया से बाहर कर देता है 

IRGC control in Iran: होर्मुज में बढ़ा तनाव

IRGC control in Iran का सबसे स्पष्ट असर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में देखने को मिल रहा है।

तीन जहाजों को निशाना बनाया

शनिवार और रविवार को ईरान ने इस रास्ते से गुजरने वाले कम से कम तीन जहाजों को निशाना बनाया, जिससे सैकड़ों जहाज वहां फंस गए हैं 

सख्त शर्तें लागू

IRGC ने स्पष्ट कर दिया है कि होर्मुज से गुजरने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी :

  1. केवल व्यापारिक जहाज (Commercial vessels) ही गुजर सकते हैं, सैन्य जहाजों पर प्रतिबंध है।
  2. जहाजों को ईरान द्वारा अनुमोदित मार्ग (Iranian-approved transit route) से ही गुजरना होगा।
  3. जहाजों को ईरानी बलों, विशेषकर IRGC Navy, के साथ समन्वय (coordinate) करना अनिवार्य होगा।

पूर्वावस्था में लौटा जलडमरूमध्य

IRGC ने एक बयान में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य अपनी “पूर्वावस्था” (previous state) में लौट चुका है और यह रणनीतिक जलमार्प “सशस्त्र बलों के सख्त प्रबंधन और नियंत्रण” में है 

IRGC control in Iran: अमेरिका के लिए मायने

IRGC control in Iran ने वॉशिंगटन के उन दावों को गलत साबित कर दिया है जिसमें कहा गया था कि बड़े अधिकारियों के मारे जाने के बाद ईरानी शासन में सुधार आएगा 

बातचीत की उम्मीद खत्म

ISW के अनुसार, IRGC control in Iran ने पश्चिमी देशों के साथ किसी भी तरह की सार्थक बातचीत (meaningful engagement) की संभावना को लगभग समाप्त कर दिया है 

कमजोर सीजफायर

फिलहाल मंगलवार तक के लिए एक कमजोर सीजफायर (fragile ceasefire) लागू है, लेकिन जिस तरह के हालात बन रहे हैं, उससे क्षेत्र में शांति बनी रहेगी या नहीं, इस पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है 

IRGC control in Iran: आगे क्या?

IRGC control in Iran के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि:

पहलूस्थिति
बातचीत की संभावनालगभग समाप्त, IRGC के पास पूरी कमान
होर्मुज की स्थितिIRGC के सख्त नियंत्रण में, बंद
नरमपंथी नेताओं की भूमिकासाइडलाइन, कोई अधिकार नहीं
सीजफायरकमजोर, मंगलवार तक
क्षेत्रीय शांतिअनिश्चित, युद्ध का खतरा बरकरार

IRGC control in Iran: निष्कर्ष

IRGC control in Iran ने ईरानी राजनीति और सत्ता संरचना को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। कट्टरपंथी सेना ने न केवल सैन्य अभियानों पर, बल्कि कूटनीति पर भी पूरी तरह से नियंत्रण कर लिया है। विदेश मंत्री अराघची जैसे नरमपंथी नेताओं को साइडलाइन कर दिया गया है, और सारे बड़े फैसले अब IRGC कमांडर अहमद वाहिदी और सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई ले रहे हैं । होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव और अमेरिका से बातचीत का टूटना यह साबित करता है कि ईरान अब और भी कठोर रुख अपनाने वाला है। इस स्थिति में क्षेत्रीय शांति की उम्मीदें काफी कम हो गई हैं 

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