Simdega Cyber Crime: 93 लाख का झटका! कैसे हैक हुए खाते?
मैं आपको बताना चाहता हूँ कि Simdega Cyber Crime क्या है, क्योंकि यह सिर्फ एक ठगी नहीं, बल्कि सरकारी संस्थानों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल है।
क्या हुआ?
- 25 अप्रैल से 2 मई 2025: साइबर अपराधियों ने सिमडेगा कॉलेज और राष्ट्रीय आजीविका मिशन के बैंक खातों से 93.63 लाख रुपये चुराए।
- कॉलेज का खाता (बैंक ऑफ इंडिया): 31.65 लाख की चोरी ।
- आजीविका मिशन का खाता (बैंक ऑफ इंडिया): 61.97 लाख की चोरी ।
“यह केस साइबर सुरक्षा की कमजोरी को उजागर करता है। अब तक 3 संदिग्ध गिरफ्तार हुए हैं।”
– झारखंड पुलिस
कैसे हुई चोरी? Simdega Cyber Crime की टेक्निक
- क्लोन्ड चेक्स: कॉलेज खाते से 17 चेक की नकल बनाकर पैसे निकाले गए ।
- गायब चेक बुक: आजीविका मिशन को मिलनी वाली चेक बुक (सीरीज 99801-99825) डाक से कभी नहीं पहुँची। इसी का इस्तेमाल करके पैसे लिए गए ।
- इनसाइडर रोल?: खातों तक पहुँच केवल रजिस्ट्रार या वित्त अधिकारी के पास थी, फिर भी हैकर्स सफल रहे ।
आंकड़े जो चौंकाते हैं
- 2023 में भारत में 11.28 लाख साइबर ठगी केस दर्ज हुए ।
- 7.48 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ ।
Simdega Cyber Crime: 5 बड़े सवाल और जवाब (FAQ)
1. क्या पैसे वापस मिलेंगे?
अभी तक सिर्फ 12 लाख रुपये फ्रीज किए गए हैं। बाकी रकम का पता लगाया जा रहा है।
2. क्या बैंक जिम्मेदार है?
हाँ! बैंक ने चेक क्लोनिंग और गायब चेक बुक पर नजर नहीं रखी।
3. क्या यह आईटी एक्ट के तहत केस है?
हाँ! आईटी एक्ट, 2000 और धारा 420 (ठगी) के तहत केस दर्ज हुआ है।
4. क्या यह गैंग का काम है?
पुलिस को जमताड़ा के साइबर अपराधियों से कनेक्शन का शक है ।
5. आम लोग कैसे बचें?
- चेक बुक हमेशा सीधे बैंक से लें।
- बैंक अलर्ट सिस्टम चालू रखें।
निष्कर्ष: क्या साइबर सुरक्षा मजबूत होगी?
मैं देख रहा हूँ कि Simdega Cyber Crime ने सरकारी संस्थानों की कमजोर साइबर सुरक्षा को उजागर किया है। अब सख्त कानून और बैंकों की जवाबदेही जरूरी है।
“साइबर ठगी रोकने के लिए हर नागरिक को जागरूक होना होगा।”
(अंतिम अपडेट: 17 मई 2025, रात 8:00 बजे तक की रिपोर्ट्स के अनुसार।)
क्या आपको लगता है कि साइबर अपराधियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए? कमेंट में बताइए!
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