50 साल से बादशाहत! 10 पैसे से लेकर 15 रुपए तक का समोसा, जानें रेसिपी
गुमला: आज के इस पारंपरिक दुनिया में खाने पीने का भी आधुनिकता का दौर चल रहा है। इस कारण से फास्ट फूड का वोग चरम पर है। घायल गांव हो या शहर आपको सभी जगह फास्ट फूड की स्टॉलें बड़ी आसानी से मिल जाएंगी। जहां आज के दौर के पसंदीदा व्यंजन जैसे मोमो, पिज्जा, रोल, चाउमीन, मिर्च आदि बड़ी ही आसानी से मिल जाएंगे, लेकिन इन सभी व्यंजनों के बीच आज भी एक खास चीज है, जिसे लोग समोसा के नाम से जानते हैं. वहीं, इसे झारखंड के गुमला जिले में सिंघाड़ा के नाम से जाना जाता है, जिसका जलवा आज भी सभी वर्गों के लोगों के बीच है।
50 साल पुरानी है समोसे की दुकान
बता दें कि समोसा एक ऐसा रेस्टॉरेंट है, जिसे हर उम्र के लोग पसंद करते हैं. अँखरा बच्चा हो, जवान हो या बुजुर्ग। इसका स्वाद सभी लोगों को बहुत पसंद आता है। यही वजह है कि गांव हो या शहर हर चौक-चौराहे पर समोसे की दुकान आपको जरूर मिलेगी। वहीं, कुछ रेस्तरां के समोसे तीन टेस्टी होते हैं और वे उस होटल की पहचान बन जाते हैं। ऐसा ही है गुमला के घाघरा तट के आदर गांव में एक लाजवाब वटेस्टी समोसा की 50 साल पुरानी दुकान, जहां मिलने वाले समोसे के स्वाद की वजह से उसकी बादशाहत आज भी है।
भगत सतदेव महतो ने स्थानीय 18 से बताया कि गुमला जिले के घाघरा खंड के बड़ा अजियातु गांव के वह रहने वाले हैं। उनके गांव की संपत्ति साप्ताहिक बाजार में दिखती है। यहां बाजार में वह करीब 50 सागर से अपना होटल चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता भी यही होटल पसंद करते थे. जेनी से यह काम सिखाया गया था. इसके बाद वह खुद 50 साल से अपना होटल चला रहे हैं। इनकी दुकान पर समोसा, आलू चाप, धुसका, बर्रा, जलेबी, पकौड़ी आदि बनाई जाती हैं, लेकिन इनकी यहां सबसे ज्यादा स्वादिष्ट समोसा की ही दुकानें हैं।
पहले 10 पैसे में समोसा था
उन्होंने बताया कि शुरुआत में वह मात्र 10 प्रति पैसे के हिसाब से बिक्री करते थे। जहां आज धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीमी मोटाई बढ़ती जा रही है, लेकिन यहां उनके मिलने वाले समोसे का क्रेज़ आज भी प्रमाणित है। आज उनके यहां समोसे के स्वाद में कोई कमी नहीं है. इस वजह से शॉप पर वेंचर को तांता लगा रहता है अगर आज कीमत की बात करें तो मौजूदा में ₹15 जोड़े के अकाउंट से समोसा मिलता है। वहीं, यहां उनके समोसे के साथ टमाटर की स्पेशल रेसिपी भी बनाई जाती है, जिसका स्वाद लोगों को खूब पसंद आता है. वहीं, उनकी दुकान साप्ताहिक बाजार में रविवार और रविवार को सुबह 8:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक लीज पर रहती है।
जानिए समोसा की रेसिपी
उन्होंने बताया कि यहां समोसा अच्छे तरीके से बनाया जाता है, जिसे आप घर में भी बना सकते हैं. समोसा बनाने के लिए सबसे पहले मैदा लें, फिर इसमें मोयन के रूप में डालडा, नमक, अजमोद, मंगरैला आदि मंगेतर पानी से गूंथ लें शामिल हैं। अब आलू का मसाला तैयार करने के लिए आलू को छीलकर मैश लें. फिर इसमें जीरा, हल्दी, लहसुन, धनिया, गर्म मसाला, बादाम, नारियल शामिल हैं। फिर मैदा से लोई छोड़ें, बेलकर तेल में तैयार आलू मसाला को बेलकर तेल में गुडकर गरमा गरम पकायें.
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